मंदिर भूमि विवाद में कांग्रेस ने झाड़ा पल्ला, जिला अध्यक्ष से निष्कासन की मांग : नगर अध्यक्ष बोले– यह व्यक्तिगत मामला, जांच में दोषी मिले तो कानून करे कार्रवाई;जिला अध्यक्ष को भी लिखा पत्र
Khabri Chacha
नैनपुर।
श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति एवं मंदिर की आय से जुड़े मामलों में की गई शिकायतों के बीच कांग्रेस ने खुद को राजू वैष्णव से अलग कर लिया है। इस संबंध में कांग्रेस के नगर अध्यक्ष धर्मेश तिवारी से चर्चा किए जाने पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजू वैष्णव का यह व्यक्तिगत मामला है, कांग्रेस पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो पुलिस एवं प्रशासन कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करें। कांग्रेस पार्टी किसी भी गलत कार्य करने वाले व्यक्ति का समर्थन नहीं करती।
मंदिर की भूमि, मंदिर की आय एवं उससे जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विभिन्न विभागों में शिकायतें की गई हैं, जिनमें निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच में मंदिर की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति एवं उससे प्राप्त आय से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
इसी बीच शिकायतकर्ता ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक मरसकोले को भी पत्र भेजकर मांग की है कि यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध मंदिर की संपत्ति एवं अन्य मामलों में गंभीर शिकायतें लंबित हैं और उनकी जांच चल रही है, तो ऐसे व्यक्ति को कांग्रेस पार्टी से निष्कासित किया जाए, ताकि पार्टी की छवि पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। पत्र में यह भी आग्रह किया गया है कि कांग्रेस ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही का संदेश दे।
नगर अध्यक्ष धर्मेश तिवारी के बयान के बाद यह स्पष्ट संकेत मिला है कि कांग्रेस ने इस पूरे मामले को राजू वैष्णव का व्यक्तिगत मामला बताया है और कहा है कि यदि जांच में कोई दोष सिद्ध होता है तो कानून अपना कार्य करेगा तथा पार्टी ऐसे किसी भी व्यक्ति का संरक्षण नहीं करेगी।
अब निगाहें मंदिर की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति, मंदिर की आय और उससे जुड़े मामलों में चल रही शिकायतों की जांच पर टिकी हैं। यदि जांच में शिकायतों के समर्थन में तथ्य सामने आते हैं, तो प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।