सहस्त्रबाहु आजीविका महिला स्वसहायता समूह ने पेश की मानवता की मिसाल : बस स्टैंड पर लावारिस मिली चार वर्षीय मासूम के लिए पहुंचाए नए कपड़े और खिलौने, एनआरसी पहुंचकर बढ़ाया हौसला
Khabri Chacha
नैनपुर। नैनपुर बस स्टैंड पर लावारिस अवस्था में मिली लगभग चार वर्षीय मासूम बच्ची की मदद के लिए जहां प्रशासनिक अमला सक्रिय है, वहीं समाजसेवी संस्थाएं भी संवेदनशीलता का परिचय दे रही हैं। इसी क्रम में सहस्त्रबाहु आजीविका महिला स्वसहायता समूह, नैनपुर ने बच्ची की सहायता के लिए आगे आते हुए उसके लिए नए कपड़े, खिलौने एवं अन्य आवश्यक सामग्री भेंट की। समूह के इस मानवीय प्रयास से मासूम के चेहरे पर मुस्कान लौट आई और वहां मौजूद लोगों ने इस पहल की सराहना की।

गौरतलब है कि बच्ची नैनपुर बस स्टैंड पर लावारिस हालत में मिली थी। सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस तथा अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लिया। प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे सिविल अस्पताल नैनपुर स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों एवं स्टाफ की निगरानी में उसकी देखभाल की जा रही है।
बच्ची की जानकारी मिलने के बाद सहस्त्रबाहु आजीविका महिला स्वसहायता समूह की सदस्याएं एनआरसी पहुंचीं और बच्ची को नए कपड़े, खिलौने एवं अन्य उपयोगी सामग्री भेंट की। कुछ समय उसके साथ बिताकर उसे स्नेह और अपनापन देने का प्रयास किया, जिससे बच्ची सहज और प्रसन्न दिखाई दी।
समूह की अध्यक्ष रमा जायसवाल ने कहा कि किसी भी असहाय या जरूरतमंद बच्चे की मदद करना केवल शासन-प्रशासन ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार थोड़ा-सा सहयोग करे, तो ऐसे बच्चों को सुरक्षा, स्नेह और बेहतर भविष्य मिल सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं कोई बच्चा असहाय या लावारिस अवस्था में दिखाई दे तो उसकी अनदेखी न करें, बल्कि तत्काल संबंधित विभाग या पुलिस को सूचना दें।
समूह की इस संवेदनशील पहल की स्थानीय नागरिकों ने भी सराहना की। लोगों का कहना है कि ऐसे सामाजिक प्रयास न केवल जरूरतमंदों के जीवन में उम्मीद जगाते हैं, बल्कि समाज में मानवीय संवेदनाओं को भी मजबूत करते हैं। वहीं सभी ने कामना की कि मासूम बच्ची शीघ्र ही अपने परिजनों से मिल सके, अथवा नियमानुसार उसे सुरक्षित और बेहतर संरक्षण उपलब्ध कराया जाए।