शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 | IST

नैनपुर में रेलवे का अजूबा: बहते पानी और कीचड़ के ऊपर ढाल दी गई RCC नाली : बिना PCC बेस और बिना कवर ब्लॉक सीधे पानी में कंक्रीटिंग, पहली बारिश में धंसने की कगार पर पहुंचा लाखों का निर्माण कार्य

Khabri Chacha

3 hours ago 56 views

नैनपुर (विशेष संवाददाता)।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के नैनपुर जंक्शन अंतर्गत वार्ड क्रमांक 13 में सिविल इंजीनियरिंग का ऐसा 'अविश्वसनीय चमत्कार' देखने को मिल रहा है, जिसे देखकर दुनिया भर के स्ट्रक्चरल इंजीनियर्स भी अपना सिर पकड़ लें। यहाँ बन रही आरसीसी नाली के निर्माण में ठेकेदार और निगरानी तंत्र ने मिलकर इंजीनियरिंग के तमाम बुनियादी सिद्धांतों को पूरी तरह तिलांजलि दे दी है। नाली की खाई में भरे लबालब गंदे पानी और कीचड़ को निकालने (Dewatering) की जहमत उठाए बिना ही सीधे बहते पानी के ऊपर कंक्रीट का 'तर्पण' किया जा रहा है। शायद जिम्मेदारों को यह मुगालता है कि पानी में सीमेंट घोलने से कंक्रीट खुद-ब-खुद तैरता हुआ मजबूत हो जाएगा, जबकि तकनीकी हकीकत यह है कि पानी में गिरते ही सीमेंट की स्लरी बह जाने से वाटर-सीमेंट रेश्यो पूरी तरह बर्बाद हो चुका है और यह मसाला कंक्रीट कम, सिर्फ बालू-गिट्टी का कमजोर ढेर ज्यादा बनकर रह गया है।

इंजीनियरिंग के इस 'मास्टरपीस' में नियमों की ऐसी अनोखी अनदेखी की गई है कि आरसीसी नाली के नीचे दिया जाने वाला पीसीसी (PCC) का पक्का बेस पूरी तरह गायब है और लाखों का सरिया सीधे दलदली कीचड़ के बिछौने पर लिटा दिया गया है। सरिए को जंग से बचाने और कंक्रीट के साथ मजबूत पकड़ बनाने के लिए जरूरी कवर ब्लॉक लगाने का नियम तो यहाँ जैसे कोई अपराध मान लिया गया हो; सरिया सीधे मिट्टी और नमी से गले मिल रहा है ताकि उसमें समय से पहले ही जंग का राजतिलक हो सके। हद तो तब हो गई जब कंक्रीट को रोकने के लिए पेशेवर शटरिंग प्लेट्स लगाने के बजाय जगह-जगह ईंटों के टुकड़ों का क्रांतिकारी जुगाड़ लगाया गया, जिससे किनारों की ढीली मिट्टी लगातार कंक्रीट में मिलकर उसकी बची-खुची मजबूती को भी पूरी तरह खाक में मिला रही है।

भारतीय मानक ब्यूरो के IS 456:2000 कोड और रेलवे निर्माण मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने वाले इस अमानक काम को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश फैल गया है। जागरूक नागरिकों और क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि इस घटिया और हास्यास्पद निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से मौके पर ही रुकवाया जाए। जनता का कहना है कि पानी में डाले गए इस अमानक कंक्रीट को तुड़वाकर पहले पूरा पानी निकाला जाए और सही तकनीकी विधि—PCC बेस, कवर ब्लॉक एवं उचित शटरिंग के साथ ही नए सिरे से निर्माण पूरा कराया जाए। यदि समय रहते इस अमानक काम को नहीं सुधारा गया, तो पहली ही मानसूनी बारिश में यह नाली धंसकर पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी और जनता के खून-पसीने की कमाई से लगने वाले लाखों रुपयों का बजट सीधे पानी में बह जाएगा।

इनका कहना है:

"वार्ड क्रमांक 13 में चल रहे नाली निर्माण में लापरवाही का मामला मेरे संज्ञान में आया है। प्रथम दृष्टया निर्माण कार्य बेहद खराब और अमानक तरीके से कराया जा रहा है। इसको लेकर कल ही संबंधित रेलवे अधिकारियों से मिलकर इसकी औपचारिक शिकायत की जाएगी और कार्य की गुणवत्ता सुधारने की मांग रखी जाएगी।"

मोहित झारिया, पार्षद, वार्ड क्रमांक 13, नैनपुर

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