शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 | IST

खसरा 197/2 की सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, फिर ढाबा खोलने की तैयारी : नैनपुर-बालाघाट मार्ग की बेशकीमती पौने दो एकड़ जमीन पर कहीं फसल तो कहीं ढाबे की तैयारी, शाम को शराबियों का जमावड़ा

Khabri Chacha

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नैनपुर-बालाघाट मार्ग की बेशकीमती पौने दो एकड़ जमीन पर कहीं फसल तो कहीं ढाबे की तैयारी, शाम को शराबियों का जमावड़ा

नैनपुर। तहसील नैनपुर के हल्का उमरिया अंतर्गत खसरा नंबर 197/2 की लगभग पौने दो एकड़ शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण का मामला एक बार फिर चर्चा में है। नैनपुर-बालाघाट मुख्य मार्ग पर स्थित यह बेशकीमती सरकारी जमीन अस्पताल के पहुंच मार्ग से भी जुड़ी हुई है। सरकारी रास्ता मद की इस भूमि पर कब्जे को लेकर तहसीलदार नैनपुर द्वारा पूर्व में बेदखली का आदेश पारित किया जा चुका है, लेकिन अब इसी जमीन पर दोबारा ढाबा खोलने की तैयारी किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, अर्जुन नरवरे एवं उसके परिवार पर इस शासकीय भूमि पर कब्जा करने के आरोप हैं। लगभग पौने दो एकड़ क्षेत्रफल वाली इस जमीन के एक हिस्से में फसल लगाकर खेती की जा रही है, जबकि दूसरे हिस्से में पूर्व में ढाबे की गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई है। अब यहां दोबारा ढाबा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि सार्वजनिक उपयोग और रास्ता मद के लिए दर्ज शासकीय भूमि पर निजी व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने का अधिकार आखिर किसने दिया?

बेदखली आदेश के बाद नक्शा सुधार का आवेदन

शासकीय भूमि पर अतिक्रमण को लेकर तहसीलदार नैनपुर द्वारा बेदखली का आदेश पारित किया गया था। इस कार्रवाई के खिलाफ संबंधित पक्ष द्वारा कलेक्टर कार्यालय में नक्शा सुधार का आवेदन प्रस्तुत किया गया। इसके बाद नक्शा सुधार प्रकरण के निराकरण तक कलेक्टर द्वारा संबंधित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश पारित किया गया। इसके बावजूद अब वहां दोबारा ढाबा खोलने और खेती से जुड़ी गतिविधियां जारी रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

स्टे वाली जमीन पर भी फसल काटने की तैयारी के आरोप

मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। बताया जा रहा है कि भूमि के जिस हिस्से को लेकर स्थगन आदेश प्रभावी है, वहां भी फसल लगाई गई है और अब उसे काटने की तैयारी की जा रही है। यदि ऐसा है तो यह प्रशासनिक एवं न्यायालयीन आदेशों के पालन से जुड़ा गंभीर विषय है। प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच करनी चाहिए, ताकि किसी प्रभावी आदेश का उल्लंघन न हो।

शाम होते ही शराबियों का जमावड़ा, महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल

स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि शाम होते ही उक्त स्थान पर शराब पीने वालों का जमावड़ा लग जाता है। अर्जुन नरवरे पर स्वयं शराब के नशे में रहकर सार्वजनिक रास्ते से गुजरने वाली महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार एवं छेड़छाड़ करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। चूंकि यह रास्ता अस्पताल के पहुंच मार्ग से भी जुड़ा है और यहां से शाम के समय महिलाएं एवं अन्य नागरिक आवागमन करते हैं, इसलिए यह मामला केवल अतिक्रमण तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। इन आरोपों की पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

बेशकीमती सरकारी जमीन पर प्रशासन कब करेगा कार्रवाई?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि नैनपुर-बालाघाट मुख्य मार्ग पर स्थित लगभग पौने दो एकड़ शासकीय रास्ता मद की जमीन पर निजी खेती और ढाबा खोलने की तैयारी किस अधिकार से की जा रही है? जब तहसीलदार द्वारा बेदखली का आदेश पारित किया जा चुका है और कलेक्टर द्वारा यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, तो फिर इन गतिविधियों पर निगरानी क्यों नहीं हो रही है?

स्थानीय लोगों की मांग है कि जिला प्रशासन तत्काल भूमि का सीमांकन कराकर राजस्व अभिलेखों के आधार पर पूरी स्थिति स्पष्ट करे। शासकीय रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, कलेक्टर के यथास्थिति आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा स्टे वाली भूमि पर फसल काटने की तैयारी और ढाबा खोलने के प्रयासों की जांच की जाए। साथ ही महिलाओं से अभद्रता एवं छेड़छाड़ के आरोपों पर पुलिस जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस बेशकीमती शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने और सार्वजनिक रास्ते की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कब ठोस कदम उठाता है।

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