रविवार, 16 अगस्त 2026 | IST

मुक्तिधाम गौशाला पर बढ़ा दबाव, 3 दिन में गौवंश हटाने का सीएमओ का आश्वासन : अंतिम संस्कार की राख खाती मिली गौमाता, मृत गाय को ढककर ले जाने पर युवाओं ने जताई आपत्ति; गौशाला बंद करने की बात

Khabri Chacha

1 hour ago 66 views
अंतिम संस्कार की राख खाती मिली गौमाता, मृत गाय को ढककर ले जाने पर युवाओं ने जताई आपत्ति; गौशाला बंद करने की बात

नैनपुर। नैनपुर के मुक्तिधाम परिसर में संचालित नगर पालिका की गौशाला को लेकर विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। लगातार गौवंश की मौतों और गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आज एक बार फिर एक गाय की मौत के बाद उसे साड़ी से ढककर और आसपास गमले रखकर ट्रैक्टर के माध्यम से ले जाने का मामला सामने आया। घटना की जानकारी मिलने के बाद युवाओं और समाजसेवियों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

मामले में बड़ी संख्या में युवाओं और समाजसेवियो ने सक्रिय होकर फोन के माध्यम से नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों से आपत्ति दर्ज कराई। युवाओं ने सवाल उठाया कि लगातार गौवंश की मौतों के बीच मृत पशुओं के संबंध में पारदर्शी रिकॉर्ड, पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई जा रही है।

राख खाते मिली गौमाता, यहीं से मामला गरमाया

बताया जाता है कि मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब मुक्तिधाम परिसर स्थित गौशाला में गौमाता को अंतिम संस्कार के बाद बची राख खाते हुए देखा गया। इस दृश्य ने मुक्तिधाम परिसर में गौशाला संचालित किए जाने की व्यवस्था और गौवंश की देखभाल को लेकर पहले से उठ रहे सवालों को और गंभीर कर दिया। इसके बाद युवाओं और समाजसेवियों ने गौवंश को तत्काल सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग तेज कर दी।

युवाओं और समाजसेवी ने नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों से कहा कि यदि मुक्तिधाम परिसर में संचालित गौशाला को बंद कर गौवंश को सुरक्षित स्थान पर नहीं भेजा गया तो श्मशान घाट स्थित गौशाला के सामने अनशन किया जाएगा।

इसके बाद नगर पालिका सीएमओ की ओर से तीन दिन के भीतर मुक्तिधाम स्थित गौशाला में मौजूद सभी गौवंश को सुरक्षित रूप से अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने का आश्वासन दिया गया। साथ ही मुक्तिधाम परिसर में संचालित गौशाला को बंद करने की बात भी कही गई है।

गौरतलब है कि मुक्तिधाम परिसर में गौशाला संचालित किए जाने और वहां लगातार गौवंश की मौतों को लेकर पिछले कई दिनों से सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में पूर्व में एसडीएम कार्यालय में लिखित शिकायत भी दी जा चुकी है। एसडीएम कार्यालय द्वारा नगर पालिका से मामले में स्पष्टीकरण एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद गौवंश की मौतों और अव्यवस्थाओं की खबरें लगातार सामने आती रही हैं।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार गौशाला में लगातार हो रही मौतों के कारण पहले से ही आक्रोश की स्थिति है। अब मृत गाय को ढककर ले जाने और मुक्तिधाम परिसर में गौमाता के अंतिम संस्कार की राख खाते हुए मिलने की घटना ने लोगों की नाराजगी और बढ़ा दी है।

वहीं, गौशाला में मौजूद गौवंश की सुरक्षा, पर्याप्त भोजन, चिकित्सा एवं साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर भी सवाल बने हुए हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि नगर पालिका तीन दिन में गौवंश को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करती है तो यह लंबे समय से चल रहे विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

हालांकि अब असली परीक्षा नगर पालिका के आश्वासन की है। क्या तीन दिन के भीतर मुक्तिधाम से गौशाला वास्तव में हटेगी और वहां मौजूद सभी गौवंश को सुरक्षित स्थान मिलेगा, या फिर यह आश्वासन भी पहले के निर्देशों की तरह कागजों तक सीमित रह जाएगा?

गौवंश की लगातार हो रही मौतों, मृत पशुओं के निस्तारण की प्रक्रिया और गौशाला की व्यवस्थाओं से जुड़े सवालों का जवाब जांच के माध्यम

से सामने आना अभी बाकी है।

अब मामला सिर्फ गौशाला हटाने तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी है कि लगातार हो रही गौवंश की मौतों की वास्तविक वजह क्या है, उनकी देखभाल में कहां कमी रही और इस पूरी व्यवस्था की जवाबदेही आखिर किसकी तय होगी।

शेयर करें

जरूरी खबरें

संबंधित खबरें

21
पेज 1 / 4