रविवार, 16 अगस्त 2026 | IST

रामजी का न्याय: नैनपुर में नवदुर्गा बीज उत्पादक समिति पर कार्रवाई तेज : भगवान लक्ष्मीनारायण मंदिर की भूमि से जुड़े मामले में पूरी नस्ती जांची, धारा 18-क में कार्रवाई प्रस्तावित

Khabri Chacha

2 hours ago 72 views
भगवान लक्ष्मीनारायण मंदिर की भूमि से जुड़े मामले में पूरी नस्ती जांची, धारा 18-क में कार्रवाई प्रस्तावित

नैनपुर। श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर की कृषि भूमि के कथित उपयोग से जुड़े सहकारी समिति प्रकरण में अब प्रशासनिक कार्रवाई आगे बढ़ गई है। सहकारिता विभाग द्वारा समिति की पूरी पंजीयन नस्ती का परीक्षण किए जाने के बाद मामले को मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम की धारा 18-क के तहत कार्रवाई के लिए संयुक्त आयुक्त सहकारिता, जबलपुर को भेजा गया है।

मामला नैनपुर के वार्ड क्रमांक-4 स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर की कृषि भूमि से जुड़ा है। उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के अनुसार ग्राम उमरिया स्थित खसरा क्रमांक 8, रकबा 4.6960 हेक्टेयर भूमि श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर से संबंधित दर्ज है तथा प्रबंधक के रूप में कलेक्टर मंडला का नाम दर्ज है।

शिकायतकर्ता द्वारा मंदिर की कृषि भूमि को नवदुर्गा बीज उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित, उमरिया की सदस्यता एवं समिति गठन में उपयोग किए जाने सहित समिति के सदस्यों की भूमि पात्रता पर सवाल उठाए गए थे। शिकायत में एक ही भूमि के अलग-अलग सदस्यों के नाम उपयोग, निर्धारित पात्रता से कम कृषि भूमि रखने वाले सदस्यों तथा भूमि के वास्तविक कृषि उपयोग की जांच की मांग की गई थी।

16 अगस्त 2026 के सहकारिता विभाग के नवीन निराकरण में बताया गया है कि प्राप्त निर्देश के आधार पर समिति की पूर्ण पंजीयन नस्ती का परीक्षण किया गया। प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर कार्यालयीन पत्र क्रमांक 851 के माध्यम से न्यायालय संयुक्त आयुक्त सहकारिता, जबलपुर को धारा 18-क के तहत कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।

जांच से संबंधित रिपोर्ट में समिति के कुछ मूल प्रवर्तक सदस्यों के पास एक हेक्टेयर से कम भूमि पाए जाने का भी उल्लेख किया गया है। इसके संबंध में समिति को पत्र जारी किए जाने तथा नियमानुसार विशेष आमसभा आयोजित कर ऐसे सदस्यों को निष्कासित किए जाने की जानकारी दी गई है।

विभागीय जवाब में यह भी बताया गया है कि समिति के विरुद्ध लोकायुक्त में प्रकरण संचालित है। साथ ही समिति द्वारा खाद लाइसेंस प्राप्त कर खाद का क्रय-विक्रय किए जाने तथा कृषि विभाग द्वारा स्टॉक एवं बिक्री पंजी का समय-समय पर सत्यापन किए जाने का उल्लेख किया गया है।

अब इस पूरे प्रकरण में अगली महत्वपूर्ण कार्रवाई संयुक्त आयुक्त सहकारिता, जबलपुर के स्तर पर प्रस्तावित है। धारा 18-क के तहत होने वाली कार्रवाई में समिति के पंजीयन को समाप्त करने संबंधी निर्णय महत्वपूर्ण होगा।

दूसरी ओर, शिकायतकर्ता की ओर से समिति के सचिव राजू वैष्णव, सर्वहाराकार शरदचंद्र वैष्णव, द्वारकादास वैष्णव तथा अन्य संबंधित सदस्यों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई की मांग करते हुए अलग से शिकायत/पत्र दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसमें गीता बाई और शिवचरण सहित अन्य सदस्यों की भूमि एवं सदस्यता संबंधी रिकॉर्ड की जांच की मांग की गई है।

मंदिर की भूमि के संबंध में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि राजस्व रिकॉर्ड में मंदिर से संबंधित दर्ज कृषि भूमि का समिति के गठन अथवा सदस्यता में किस आधार पर उपयोग किया गया और संबंधित अभिलेखों में भूमि की पात्रता का सत्यापन किस स्तर पर किया गया।

फिलहाल समिति के पंजीयन पर धारा 18-क के तहत कार्रवाई के लिए मामला उच्च स्तर पर पहुंच चुका है। ऐसे में आगे होने वाली कार्यवाही से यह स्पष्ट होगा कि समिति के पंजीयन और सदस्यता संबंधी अनियमितताओं पर विभाग क्या अंतिम निर्णय लेता है।

शेयर करें

जरूरी खबरें

संबंधित खबरें

21
पेज 1 / 4